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How to Start Career in Tiles Designing Read in Hindi


How to Start Career in Tiles Designing Read in Hindi
How to Start Career in Tiles Designing Read in Hindi
टाइल्स डिजाइनिंग क्या है ? (What is Tiles Designing ?)

हर किसी का सपना होता है की उसके सपनो का घर बेहद खूबसूरत हो। इसी खूबसूरती को बढ़ाने काम करती है टाइल्स। टाइल्स फ्लोरिंग का एक विशेष हिस्सा हैं। घर, कार्यालय, दुकानों, मॉल्स कहीं भी टाइल्स के बिना इंटीरियर का काम पूरा नहीं माना जाता। हर हर जगह स्टाइलिश टाइल्स बिल्डिंग की खूबसूरती में चार चाँद लगा देती है। इस मांग को देखते हुए टाइल्स बनाने वाली कंपनी भी नए-नए डिज़ाइनर टाइल्स लेकर मार्केट में आ रही है। यही कारण है की इस लाइन में प्रोफेशनल टाइल डिज़ाइनरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
" इनोवेटिव और क्रिएटिव स्टूडेंट्स के लिए टाइल डिजाइनिंग करियर का बेहतर विकल्प हो सकता है। इन दिनों घर-दप्तर-दुकान को खूबसूरत रूप देने के लिए तरह-तरह के इनोवेटिव टाइल्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। "
आइडिया पर आधारित (Based on Idea)

टाइल डिजाइनिंग भी दूसरी डिजाइनिंग की तरह क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज पर आधारित है। अगर आपमें क्रिएटिविटी है, तो यह फिल्ड आपके लिए अच्छी हो सकती है।

चुनौतीपूर्ण जॉब (Challenging job)

टाइल डिजाइनिंग एक चुनौतीपूर्ण जॉब है। आपको लगातार नए कांसेप्ट पर काम करना होता है। इस फिल्ड में टेक्निकली अपडेट रहना जरुरी होता है क्यूंकि यहाँ काम डिजाइनिंग वर्क सॉफ्टवेयर के जरिये होता है और जैसे ही कोई नया सॉफ्टवेयर मार्केट में आता है, तो उस पर काम करना होता है।

हर दिन नया (Every day, New)

टाइल डिजाइनिंग के लिए हर दिन पिछले दिन से अलग होता है। कुछ दिन ही बीतते हैं की नया कांसेप्ट सामने आ जाता है। डिज़ाइनर को ध्यान रखना पड़ता है की किस तरह का ट्रेंड चल रहा है या अ आने वाला है। साथ ही, विदेश में किस तरह के डिज़ाइन्स की मांग चल रही है। अपने डिज़ाइन को फाइनल करने के पहले वह उसे एक्सपर्ट को दिखाता है। उसकी सलाह के आधार पर उसमें बदलाव भी करता है।

फिल्ड में एंट्री (Entry in field)

सीनियर सेकेंडरी करने के बाद आप इससे जुड़ा कोर्स कर सकते हैं। फैन आर्ट से ग्रेजुएशन, सिरेमिक इंजीनियरिंग आदि का कोर्स भी किया जा सकता है।

स्किल्स (Skills)

एक सफल टाइल्स डिज़ाइनर बनने के लिए जरुरी है की आपके डिज़ाइन हमेशा आकर्षक और नए पैटर्न वाले हों। क्रिएटिविटी बहुत जरुरी है। आपको रंगों, पैटर्न, फोटोशॉप, कोरल ड्रॉ की जानकारी होनी चाहिए। ग्राहक किस तरह की डिज़ाइन चाहता है, उसे आप कैसे साकार कर सकते हैं, इसकी भी समझ जरुरी है।

सैलरी (Salary)

टाइल्स डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद आप एक ट्रेनी की प्रतिष्ठित फार्म के साथ काम करके शुरुआत में १५ से २० हजार रूपये महीना कम सकते है। अगर आपमे डिजाइनिंग स्किल्स हैं और नए तरह के कांसेप्ट को टाइल्स पर उतारने की काबिलियत रखते हैं, तो बहुत जल्द ही यह सैलरी दो से तीन गुना हो सकती है।

प्रमुख संस्थान (Major Institutions)

दिल्ली कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स , दिल्ली
www.delhicollegeofart.com

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन, अहमदाबाद
www.nid.edu

सर जे जे स्कूल ऑफ़ आर्ट, मुंबई
www.sirjjschoolofart.in

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
www.nift.in

source:naidunia

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