Saturday, May 23, 2015

How to Start Career in Business Management Read in Hindi

How to Start Career in Business Management Read in Hindi
How to Start Career in Business Management Read in Hindi
बिजनेस मेनेजमेंट (Business Management)

बिजनेस वर्ल्ड में नाम और पैसा कामना चाहते है, तो मास्टर ऑफ़ बिजनेस मैनेजमेंट यानी एमबीए या पीजीडीएम से जुड़े कोर्स बेहतरीन जरिया हो सकते हैं। मैनेजमेंट कोर्स कराने वाले किसी क्वालिटी इंस्टिट्यूट से पढ़ाई करके आप कॉर्पोरेट वर्ल्ड में अपनी पहचान बना सकते हैं। 

एमबीए (MBA)

मास्टर ऑफ़ बिज़नेस मैनजमेंट यानी एमबीए दो साल का कोर्स है, जिसमे स्टूडेंट्स को मैनजमेंट के सभी विषयों में ट्रेन करने के साथ किसी एक सब्जेक्ट का एक्सपर्ट बनाया जाता हैं। पहले साल में जहां मैनजमेंट से जुड़े तमाम सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं, वही स्पेशलाइज्ड सब्जेक्ट्स की भी जानकारी दी जाती है। दूसरे साल में स्टूडेंट्स को अपनी पसंद के एक स्पेशलाइज्ड सब्जेक्ट को चुनना होता है।

स्पेशलाइजेशन इन एमबीए (Specialization in MBA)

फाइनेंस : यह एमबीए स्पेशलाइजेशन का सबसे पुराना और लोकप्रिय सब्जेक्ट है। इसमें कास्टिंग, बजटिंग, इंटरनेशनल फाइनेंस और कैपिटल मैनजमेंट जैसे बिषयों की तैयारी कराइ जाती है। पढ़ाई के बाद आपको किसी भी संस्थान के फाइनेंस डिपार्टमेंट में जॉब मिल सकती हैं। अगर आप फाइनेंस में एमबीए करना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना होगा। 

मार्केटिंग : इसमें स्टूडेंट्स को कंज्यूमर बिहेवियर, मार्केट, एडवर्टाइजिंग और इस फील्ड से समन्धित अन्य बारीकियों को समझने में मदद मिलती हैं।  इसमें उन लोगों को कैरियर बनाना चाहिए, जिनकी कम्यूनिकेशन स्किल बेहतरीन हो। उन्हें मौजूदा रिसोर्स का सही तरीके से इस्तेमाल करने की कला आती हो और उनमे मार्केटिंग में टिके रहने का जज्बा हो। 

ह्यूमन रिसोर्स (एचआर) : यह उन लोगों के लिए है, जो एचआर में करियर बनाना चाहते है। इसके लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, आकर्षक पर्सनैलिटी और आत्मविस्वास से भरपूर होना जरुरी है। किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट एचआर में एमबीए कर सकते हैं। 

इंटरनेशनल बिज़नेस : इसमें इंटरनेशनल मार्केटिंग और फाइनेंस की गहराई से जानकारी दी जाती है। मल्टीनेशनल को-ऑपरेशन ज्यादा फोकस होता है। 

ऑपरेशंस : यह स्पेशलाइजेशन प्रोडक्शन मैनजमेंट या शॉप फ्लोर मैनजमेंट में मदद करता है। इसके जरिये आप प्रोसेस फ्लो को मेंटेन करने के अलावा वेंडर और इंटर-डिपार्टमेंटल रिलेशंस को बनाये रखने के गुण सिख सकते हैं। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के ज्यादातर स्टूडेंट्स ऑपरेशंस में एमबीए करते हैं, क्योँकि प्रोडक्ट डेप्लोप्मेंट, डिजाइनिंग और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन की जानकारी होने की वजह से उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं होती। हालाँकि किसी भी स्ट्रीम के उम्मीदवार इस कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी : यह ऐसे प्रोफेशनल्स को तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया हैं, जो इनफार्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से समन्धित प्लानिंग, डिज़ाइन, सिलेक्शन, इम्प्लीमेंटेशन और एडमिनिस्ट्रेशन को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकें। किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स आईटी में एमबीए कर सकते हैं। 

कैसे मिलेगी एंट्री ? (How will the entry ?)

कॉमन अड्मिशन टेस्ट (कैट) : एमबीए में शानदार करियर बनाने के लिए कैट एग्जाम उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जोकि सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। कैट में सफलता हासिल करने पर आप देश के टॉप बिजनेस इंस्टीटूशन यानि आईआईएम और इसके समकक्ष ब-स्कूलों में एंट्री ले सकते हैं। 

मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (मैट) : देश में करीब 400 ऐसे संस्थान हैं, जो अपने यहां एमबीए कोर्स में दाखिला मैट के स्कोर के आधार पर देते हैं। इस टेस्ट का आयोजन ऑल इंडिया मैनजमेंट एसोसिएशन करती है। यहाँ टेस्ट साल में चार बार फ़रवरी, मई, सितम्बर और दिसंबर में होता है। जो स्टूडेंट्स कैट में सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं, वे मैट के जरिये मैनजमेंट इंस्टिट्यूट मैं दाखिला ले सकते हैं। 

एक्सएलआरआई एडमिशन टेस्ट (जैट) : इसमें स्टूडेंट्स के एप्टीट्यूड, इंग्लिश नॉलेज और निबंध लेखन की जाँच की जाती है। करीब 60 कॉलेज जैट स्कोर स्वीकार करते हैं। 

अन्य प्रवेश परीक्षाएं (Other Entrance Exams)

कैट और मैट के अलावा आप एसोसियेशन ऑफ़ इंडियन मैनजमेंट स्कूल्स द्वारा आयोजित एटीएमए (एआईएमएस टेस्ट फॉर मैनजमेंट एडमिशन), इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस बंगलुरु द्वारा देश की आईआईटीज में उपलब्ध मैनजमेंट प्रोग्राम्स चयन के लिए जेमैट (जेएमटी), सिम्बायोसिस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूटस द्वारा स्नैप (सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट) आदि में से कोई भी टेस्ट या एक से अधिक टेस्ट क्लियर करके अपने पसंदीदा मैनजमेंट इंस्टिट्यूट में एडमिशन ले सकते हैं। 

पीजीडीएम (P.G.D.M.)

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनजमेंट यानि पीजीडीएम भी एमबीए की तहत ही मैनजमेंट का मान्य कोर्स है। दो साल के इस पीजी प्रोग्राम को ऑल इंडिया काउन्सिल ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन से मान्यता हासिल है। आप चाहें, तो फुल टाइम या पार्ट टाइम कोर्स कर सकते हैं। भारत में कई स्वायत्त बिजनेस स्कूल्स पीजीडीएम या पीजीपीएम कोर्स संचालित करती है। किसी भी विषय में 50 प्रतिशत अंक के साथ ग्रेजुएशन करने वाले पीजीडीएम कर सकते हैं। अच्छे इंस्टिट्यूट में दाखिला कैट, सीमैट, एक्सएटी, मैट, एटीएम और सीईटी के स्कोर के आधार पर मिलता है। एमबीए में जहां मैनेजमेंट के थ्योरिटिकल आस्पेक्ट्स जोर दिया जाता है, वहीं पीजीडीएम का कोर्स इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए तयार किया गया है।  इसमें स्टूडेंट्स को फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है की वे अपनी रूचि के अनुसार स्पेशलाइजेशन का चयन कर सकें। 

प्रमुख संस्थान (Major Institutions)

आईआईएम, अहमदाबाद, ( साथ ही लखनऊ, बंगलुरु, कोलकाता, कोझिकोड )

इंडियन स्कूल ऑफ़ बिजनेस, हैदराबाद

एमपी बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनजमेंट, बंगलुरु 

एमआईटी स्कूल ऑफ़ बिजनेस, पुणे 

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी

जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनजमेंट 

एनआईआईटी, दिल्ली 

दिल्ली बिजनेस स्कूल, दिल्ली 

एनडीआईएम, दिल्ली 

एनईआईएलएम, ग्रेटर नोएडा